केंद्रीय खाद्य संस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया है. उनकी जगह केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को खाद्य संस्करण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौपा गया है.बता दें कि संसद में पेश किए गए कृषि से जुड़े दो विधेयकों के विरोध में हरसिमरत कौर ने कल शाम मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था.

शिरोमणि अकाली दल लंबे समय से बीजेपी की सहयोगी पार्टी रही है. हरसिमरत का इस्तीफ़ा तीन अध्यादेशों के ख़िलाफ़ है. ये तीन अध्यादेश हैं- उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020, किसान सशक्तीकरण और संरक्षण अध्यादेश और आवश्यक वस्तु (संशोधन).

अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि उनकी पार्टी से इन अध्यादेशों को लेकर संपर्क नहीं किया गया, जबकि हरसिमरत कौर ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि ‘पंजाब और हरियाणा के किसान इससे ख़ुश नहीं हैं.’

अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि उनकी पार्टी से इन अध्यादेशों को लेकर संपर्क नहीं किया गया, जबकि हरसिमरत कौर ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि ‘पंजाब और हरियाणा के किसान इससे ख़ुश नहीं हैं.’

इसी बीच भाजपा में आर्थिक मामलों के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, तीनों कृषि बिलों से किसानों को ही फायदा पहुंचने वाला है. लेकिन पंजाब में जिस तरह से कांग्रेस ने झूठ फैलाया है, उससे मुझे लगता है कि शिरोमणि अकाली दल भी स्थानीय राजनीति के दबाव में आ गई. जिसकी वजह से हरसिमरत कौर से इस्तीफा दिलाया गया. जबकि तीनों बिलों से किसानों को होने वाले फायदे से शिरोमणि अकाली दल भी वाकिफ है.

भाजपा और एनडीए के सबसे पुराने सहयोगी अकाली दल से मोदी सरकार में केवल हरसिमरत ही शामिल थीं. पंजाब-हरियाणा के किसान कई दिनों से विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

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