हापुड़ लिंचिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष आदेश जारी किया है। जिसके तहत मेरठ रेंज के IG की निगरानी में इस पूरे मामले की जांच होगी। साथ ही मामले की जांच में सुप्रीम कोर्ट के लिंचिंग केस के बारे मे दिये गए पूर्व दिशा निर्देशों का पालन भी करना होगा।

बता दें कि कथित तौर पर गौरक्षा के नाम पर दो लोगों पर हमला हुआ था इस हमले मे एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी जबकि दूसरा समीयुद्दीन गंभीर रूप से घायल हुआ था। समीयुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की जांच एसआईटी से कराने और मामला उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।

इस मामले में आईजी मेरठ जोन ने अपनी रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। राज्य की एडीशनल एडवोकेट जनरल ऐश्वर्या भाटी और कमलेन्द्र मिश्र ने कोर्ट को बताया कि कुल 11 में से 10 अभियुक्त गिरफ्तार किये जा चुके हैं।

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एक अभियुक्त के खिलाफ जब्ती कुर्की की कार्यवाही चल रही है। भाटी ने कोर्ट को बताया कि पहले मामले की जांच कर रहे थानाध्यक्ष को स्थानांतरित कर दिया गया है और अब नये थानाध्यक्ष जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया आदि पर आये वीडियो आदि को भी फोरेन्सिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही अभियुक्तों की जमानत रद करने के लिए भी राज्य सरकार ने कोर्ट में अर्जी लगा रखी है।

समयद्दीन की ओर से पेश हुई वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत 31 अगस्त को समयद्दीन का बयान दर्ज किया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

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