हनुमान के जाति विवाद में अब कूदा देवबंद, बुक्कल नवाब के बयान पर कही बड़ी बात

11:54 am Published by:-Hindi News

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए पहुंचे यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की और से हनुमान को दलित बताने के बाद हनुमान जी के जाति निर्धारण का जो सिलसिला शुरू हुआ है। वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि इसमें अब दारुल उलूम देवबंद भी कूद गया है।

बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब की और से हनुमान को मुसलमान बताने पर देवबन्दी उलेमा कारी इसहाक गोरा ने कहा कि किसी भी इस्लामिक क़िताब में नहीं लिखा कि हनुमान मुसलमान थे। जिसका कोई प्रमाण न हो उस बारे में बुक्कल नवाब को बात नहीं करनी चाहिए। गोरा ने कहा कि ऐसे लोग शोहरत के लिए ऐसी बयानबाजी करते हैं। ये लोग नाम और शोहरत के भूखे हैं।

इसहाक गोरा ने कहा कि भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब को हिन्दू व मुसलमान दोनों से माफी मांगनी चाहिए और ऐसे बेतुकी बयानबाजी करने वालों पर सरकार को लगाम लगानी चाहिए। वही दारूल उलूम के ऑनलाइन फतवा प्रभारी मुफ्ती अरशह फारूकी ने कहा, ‘बिना किसी जानकारी के कोई बात नहीं कहनी चाहिए और किसी बात को कहने से पहले पढ़ना और उसकी तहकीकात जरूरी होती है ।’

बता दें कि बुक्कल नवाब ने कहा था कि हनुमान मुस्लिम थे और ज्यादातर मुस्लिम नामों का हनुमान से कनेक्शन है। उन्होंने कहा था, ”हमारा मानना है हनुमान जी मुसलमान थे…इसलिए मुसलमानों के अंदर जो नाम रखा जाता है। रहमान, रमजान, फरमान, जिशान, कुरबान…जितने भी रखे जाते हैं, वो करीब-करीब उन्हीं पर रखे जाते हैं”

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने गुरुवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल कहा कि ‘दूसरों के फटे में जो टांग अड़ाता है, वही जाट हो सकता है। हनुमान मेरी जाति के थे।’ बता दें कि लक्ष्मी नारायण चौधरी जाट हैं। लक्ष्मी नारायण चौधरी के इस बयान पर कुछ लोग हंसे तो वहीं विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा कर दिया था।

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