दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में एक हनुमान मंदिर को गिराने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने जस्टिस हेमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, हमें हस्तक्षेप के लिए उस आवेदन को देखने का कोई कारण नहीं है जो एक ही मुद्दे पर फिर से विचार करने और खारिज करने के प्रयास के अलावा कुछ नहीं है। पीठ ने कहा, हस्तक्षेप के लिए अनुरोध आप सरकार की ओर से आना चाहिए। पीठ ने कहा, हस्तक्षेप के लिए आवेदन में किए गए अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया है। आवेदन खारिज कर दिया गया है।

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में उपराज्यपाल (एलजी) की अध्यक्षता वाली एक धार्मिक समिति की सिफारिश को खारिज कर दिया था, ताकि मंदिर को अपने वर्तमान स्थल पर मौजूद रहने दिया जा सके।

पीठ ने कहा कि उस आदेश को दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी और उसने दिल्ली सरकार के इस प्रतिवेदन के बाद याचिका को निस्तारित कर दिया था कि वह ‘आगे के निर्देशों के लिये उच्च न्यायालय के समक्ष उचित आवेदन करेगी, या जैसा भी जरूरी होगा।’

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार को जब एक बार ऐसा करने की स्वतंत्रता दे दी गई और अब तक, दिल्ली सरकार ने राहत के लिये इस अदालत से संपर्क नहीं किया है, ऐसे में हस्तक्षेप के लिये इस याचिका पर सुनवाई की हमें कोई वजह नजर नहीं आती।’

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