लखनऊ | उत्तर प्रदेश के खादी ग्रामाधोग मंत्री सत्यदेव पचौरी के एक दिव्यांग का अपमान करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. चारो और से आलोचना झेल रहे सत्यदेव ने सफाई देते हुए कहा की उन्होंने दिव्यांग के लिए एक भी अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल नही किया. मैंने केवल उन्हें कमजोर कहा था. इसके अलावा मैंने उन्हें कोई बैठने वाला काम देने का निर्देश भी दिया था.

हालाँकि मंत्री जी अपनी सफाई में कुछ भी कहते रहे लेकिन अपमान सहने वाले सफाई कर्मचारी दिनेश ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा की वो मंत्री की टिप्पणी से आहत है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उनकी शिकायत करेंगे. दिनेश ने एक टीवी न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा की मंत्री जी ने उनके बारे में कहा था की ऐसे टेढ़े मेढ़े लोगो को सफाई के लिए रखोगे तो सफाई कहाँ से होगी.

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दिनेश ने बताया की वो 1999 से वहां सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहे है. लेकिन आज तक किसी ने उनके काम पर सवाल नही उठाया. तब से दो तीन मंत्री हो चुके है लेकिन पहली बार उनका अपमान किया गया. मैंने मंत्री जी को बताया की मुझे 4 हजार रूपए वेतन मिलता है. लेकिन क्योकि वो बड़े लोग है इसलिए वो कुछ भी बोल सकते है. उनका बोलने में क्या जाता है.

दिनेश ने आगे कहा की उन्हें अभी तक नही पता की मंत्री जी किस बात पर इतने भड़क गए, उनकी अपनी सोच है और उनका अपना कहना है लेकिन मेरे साथ गलत हुआ है. इसलिए मैं योगी जी से मिलकर बात करूँगा. अपनी मांग के बारे में उन्होंने कहा की मेरी कोई मांग नही है, चाहे वो माफ़ी मांगे या न मांगे, इससे कुछ फर्क नही पड़ता लेकिन वो यह साबित करे की मैं विकलांग हूँ. क्योकि डॉक्टर ने मुझे सर्टिफिकेट दिया है की मैं बिलकुल फिट हूँ.

मालूम हो की योगी सरकार में मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बुधवार को एक दफ्तर का औचक निरिक्षण किया था. लेकिन दफ्तर में फैली गंदगी देखकर पचौरी को गुस्सा आ गया. उन्होंने वहां मौजूद सभी अफसरों को फटकार लगायी. लेकिन इसी बीच वहां सफाई कर रहे एक दिव्यांग कर्मचारी को उन्होंने अपमानित करते हुए कह दिया की यह लंगड़ा लूला क्या सफाई करेगा.

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