Friday, July 30, 2021

 

 

 

दिल्ली दंगों पर बोले पूर्व उपराष्ट्रपति – सरकार चाहती तो रोक लेती, लेकिन सोती रही

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देश की राजधानी दिल्ली में बीते दिनों हुई मुस्लिम विरोधी हिंसा में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का बड़ा बयान आया है। जिसमे उन्होने कहा कि सरकार चाहती तो इन दंगो को रोक सकती थी। उन्होंने केंद्र सरकार को दिल्ली में हुए कत्लेआम के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार इस दौरान सोती रही।

एक टीवी इंटरव्यू में पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘दिल्ली में कत्लेआम पहले भी हुए। लेकिन पहले कत्लेआम बाहर वाले आक्रमणकारी करते-करवाते थे। जैसे नादिरशाह, अहमद शाह अब्दाली ने आकर दिल्लीवालों को मारा। अब दूसरे तरह की हत्या हुई हैं। 1947 में जो हुआ सबसे भयानक था। लेकिन यह पहली बार है जब सब कह रहे हैं कि सरकार ने रोकने की कोशिश नहीं की।’

उन्होने पुलिस पर दंगाइयों के साथ मिलकर पथराव करने का भी आरोप लगाया। उन्होने कहा, मैंने जो विजुअल देखा, टेलीविजन चैनल पर पर देखा,  बुलेटिन में देखा,  इंटरनेशनल टीवी चैनलों पर पर देखा। वही हमने बताया। हमने वही बताया, मैंने कोई चीज क्रिएट नहीं की। मुझे नहीं मालूम सड़क पर क्या हो रहा है। मैंने आप लोगों की कवरेज है वह देखा उसको बयां किया।

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन डॉक्टर जफरुल इस्लाम के दिल्ली दंगों को गोधरा दंगे से जोड़ने पर उन्होने कहा कि जफर इस्लाम साहब मेरे दोस्त हैं। मैं उनके कहने पर कमेंट नहीं करता हूं। उनके व्यूज अपनी जगह पर हैं, मेरे व्यूज अपनी जगह पर हैं।

शाहीन बाग प्रोटेस्ट पर उन्होने कहा, शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना कानूनी हक है, कहीं भी मुल्क में। बता दें कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के दंगों में अबतक 46 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। अबतक भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस दंगे में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर और दुकानें जला दी गईं।

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