कराची | धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान गए हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के दो मौलवियों का पता चल गया है. करीब तीन दिनों से लापता दोनों मौलवी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के कब्जे में है. पाकिस्तान के कुछ टीवी न्यूज़ चैनल्स ने अधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है की दोनों मौलवियों को अवैध तरीके से पाकिस्तान में घुसने की वजह से हिरासत में लिया गया है.

मालूम हो की हजरत निजामुदीन औलिया दरगाह के दो मौलवी, आसिफ अली निजामी और उनके भाई नाजिम अली निजामी पाकिस्तान में लाहौर की दाता दरबार दरगाह पर गए हुए थे. दरगाह पहुँचने से पहले वो कराची स्थित अपने रिश्तेदारों से भी मिले. गुरुवार को उन्हें कराची से फ्लाइट में बैठना था लेकिन इससे पहले ही वो लापता हो गए. आसिफ अली निजामी के बेटे ने शक जाहिर किया था की उनके पिता ISI की गिरफ्त में है.

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आसिफ अली के बेटे ने भारत सरकार से भी आग्रह किया था की वो इस मामले में कोई एक्शन ले जिससे उनके पिता और भाई जल्द से जल्द बरामद हो सके. परिवार के शक को सही ठहराते हुए पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल ने बताया है की दोनों मौलवी पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी के कब्जे में है. बताया जा रहा है की आसिफ अली को लाहौर एअरपोर्ट से जबकि नाजिम निजामी को कराची एअरपोर्ट से हिरासत में लिया गया.

आसिफ अली के बेटे साजिद निजामी ने बताया की उनके पिता को लाहौर एअरपोर्ट पर अधूरे कागजात होने की वजह बताकर रोका गया जबकि नाजिम एवं उसके साथियों को कराची एअरपोर्ट से हिरासत में लिया गया. मैं पाकिस्तान सरकार से कहना चाहता हूँ की मेरे पिता और भाई वहां धार्मिक यात्रा पर गए थे, हमारा किसी भी गलत काम से वास्ता नही है. हम 700 साल से दरगाह में रह रहे है , हम चाहते है की उनको जल्द से जल्द रिहा कर दिया जाए.

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