केंद्र सरकार द्वारा गठित हज समिति ने शनिवार को हज हाउस में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार नकवी को नई हज नीति सौंप दी. जिसके तहत हज सब्सिडी को धीरे-धीरे खत्म करने पर जोर दिया गया.

इस बारें में नकवी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने 2012 में हज सब्सिडी खत्म करने का निर्देश दिया था. ऐसे में हमने समिति की अनुशंसा के मुताबिक नयी हज नीति में हज सब्सिडी को धीरे-धीरे खत्म करने का फैसला किया है.

इसके अलावा हज़ पर 45 वर्ष से अधिक उम्र की मुस्लिम महिलाओं को मेहरम को ले जाने की पाबंदी हटाने का सुझाव दिया गया है. अब 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं बिना मेहरम के हज पर जा सकेंगी, हालांकि वे चार महिलाओं के समूह में जा सकेगी. मेहरम के लिए कोटा 200 से बढ़ाकर 500 किया जाने का भी प्रस्ताव है.

साथ ही हज के लिए प्रस्थान स्थलों की संख्या को 21 से हटाकर नौ किया जाएगा. जो इस प्रकार है – (1) दिल्ली (2) लखनऊ (3) कोलकाता (4) अहमदाबाद (5) मुंबई (6) चेन्नई (7) हैदराबाद (8) बैंगलूरू और (9) कोचीन. साथ ही अब हज यात्रा समुद्री जहाज के जरिए की जा सकती है.

स अवसर पर सचिव (अल्पसंख्यक कार्य), श्री अमेयसिंग लुइखम, अध्यक्ष, भारतीय हज समिति, श्री चौधरी महबूब अली कैसर, सऊदी अरब में भारत के राजदूत श्री अहमद जावेद, भारतीय हज समिति के अन्य सदस्यों और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थिति थे.

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