देश के मुस्लिम समुदाय की और से लम्बे समय से हज सब्सिडी को खत्म करने की मांग उठती रही हैं. 2012 में उच्चतम न्यायालय ने भी इस बारें में आदेश जारी किया हैं. लेकिन अब जाकर इसके लिए एक समिति गठित की हैं जो 2022 तक हज सब्सिडी को खत्म करने के मुद्दें पर ध्यान देगी.

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि जेद्दा में भारत के पूर्व महावाणिज्य दूत अफजल अमानुल्ला को उच्च स्तरीय समिति का संयोजक नियुक्त किया गया. बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश :सेवानिवृत्त: एस एस पारकर, भारतीय हज कमिटी के पूर्व प्रमुख कैसर शमीम, एयर इंडिया के पूर्व प्रमुख एवं प्रबंध निदेशक :सीएमडी: माइकल मास्करेन्हास और मुस्लिम विद्वान-चार्टर्ड अकाउंटेंट कमाल फारूकी भी समिति के सदस्य हैं.

मंत्रालय के संयुक्त सचिव जे आलम को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है. समिति साथ ही इस पहलू पर ध्यान देगी कि हज यात्री सब्सिडी के अभाव में कम भुगतान कर सउदी अरब की यात्रा कर सकते हैं या नहीं.

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नकवी ने कहा, विशेषग्य समिति का गठन कर दिया गया है और वह भारत की हज नीति को सुधारने, श्रद्धालुओं को अधिकतम रियायत देने और हज के बेहतर प्रबंधन के तरीके को लेकर एक या दो महीने में रिपोर्ट दे देगी. उन्होंने कहा कि समिति रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और सौंपने से पहले सभी संबंधित हितधारकों से बात करेगी.

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