भारतीय हज कमेटी के उपाध्यक्ष सुलतान अहमद ने हज सब्सिडी की समीक्षा के लिए बनी समिति से हज सब्सिडी के साथ फिजूलखर्ची और धांधली की भी निष्पक्ष जांच करने की मांग की हैं.

भारतीय हज कमेटी के उपाध्यक्ष सुलतान अहमद ने आज कहा कि इस सरकारी समिति को हज सब्सिडी के मामले में विचार करने के साथ ही फिजूलखर्ची और धांधली पर भी गौर करना चाहिए ताकि हज के मामले में पारदर्शिता लाई जा सके और इसे अधिक किफायती बनाया जा सके.

अहमद ने भाषा से कहा, पहली बात कि केंद्र सरकार और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को स्पष्ट करना चाहिए कि हज पर सही मायने में कुल कितना खर्च होता है और कितना फिजूल खर्च है. फिजूलखर्ची और धांधली को रोके बिना हज को किफायती नहीं बनाया जा सकता.

उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि यह समिति हज सब्सिडी पर विचार करने के साथ ही हज के नाम पर होने वाली फिजूलखर्ची और धांधली को भी देखे. हज के मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए. पारदर्शिता की बहुत कमी है और इस स्थिति में सुधार जरूरी है.

गौरतलब रहें कि पिछले दिनों केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने छह सदस्यीय समिति का गठन किया जो इस बात पर विचार करेगी कि बिना हज सब्सिडी के कैसे हज को किफायती बनाया जा सकता है.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें