उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत हज सब्सिडी को समाप्त करने हेतु केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई समिति को लेकर भारतीय हज कमेटी के सदस्यों की और से निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने तक सब्सिडी बदस्तूर जारी रखने की मांग की हैं.

हज कमेटी के उपाध्यक्ष सुलतान अहमद और दो सदस्यों – इनायत कुरैशी तथा मोहम्मद मकसूद अशरफ ने सब्सिडी और निविदा प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ पिछले कुछ वर्षों की निविदाओं के ऑडिट की मांग उठाई हैं. अहमद ने भाषा से कहा, हज सब्सिडी खत्म करने की बातें हो रही हैं, लेकिन हमारा सिर्फ यह कहना है कि अगर फिजूलखर्ची रोक दी जाए तो शायद सब्सिडी की जरूरत नहीं पड़े.

उन्होंने आगे कहा, फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने के लिए हज की निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता लाई जानी चाहिए. उड़ानों, हाजियों के लिए आवासीय स्थलों और दूसरी सुविधाओं के लिए पारदर्शी ढंग से निविदाएं जारी की जाएं ताकि स्पर्धा बढ़े और खर्च कम हो.

हज कमेटी के सदस्य इनायत कुरैशी ने कहा, उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत सब्सिडी खत्म होनी है, लेकिन हमारी सरकार से यह मांग है कि इसका कोई विकल्प ढूंढा जाए ताकि हाजियों पर बोझ नहीं पड़े.


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