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देश की सर्व्वोच अदालत ने हादिया उर्फ़ अखिला को उसके माँ-बाप की कस्टडी से आजाद करते हुए अपनी अधूरी शिक्षा को पूरी करने की आजादी दे दी है.

सोमवार को पेशी के दौरान प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने हदिया से अपने भविष्य के बारें में सवाल किया था. जिसके बाद हादिया ने अपनी हाउस इंटर्नशिप पूरी करने और होम्योपेथिक डॉक्टर बनने की इच्छा बताई थी.

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ऐसे में कोर्ट ने तमिलनाडु के सलेम होम्योपैथी को हादिया की रुकी हुई पढ़ाई को पूरा कराने का आदेश दिया. साथ ही कोर्ट ने केरल पुलिस को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हदिया को सादे कपड़े पहने पुलिस बलों के साथ सलेम मेडिकल कॉलेज सुरक्षित पहुंचाया जाए.

इस मामले में अब कॉलेज की प्रिंसिपल जी. कन्नन ने बताया किहादिया यहाँ पर अखिला अशोकन के नाम से ही आगे की पढ़ाई जारी रखेंगी. हादिया यहां 11 महीने की होम्योपैथी इंटर्नशिप करेंगी. उन्होंने कहा, हादिया के साथ हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं जैसा व्यवहार किया जाएगा.

इसी बीच कॉलेज पहुंचकर हादिया ने अपने पति शफीन से मिलने की इच्छा जाहिर की है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने कॉलेज प्रशासन से अपने पति से मिलने की इजाजत मांगी है. मुझे उम्मीद है कि इसकी इजाजत मिलेगी.”

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