2002 में नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में सेकड़ों अल्पसंख्यक मुसलामानों की जान लेने वाली माया कोडनानी  को विशेष अदालत की और से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को बतौर गवाह के रूप में बुलाने की इजाजत मिल गई हैं. न्यायाधीश पी बी देसाई ने कहा कि इन गवाहों को “सुनवाई के उचित एवं प्रासंगिक चरणों” पर समन जारी किए जाने चाहिए.

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि “यदि कुछ गवाहों की गवाही के दोहराए जाने की संभावना हो तो बाद के चरण में उन्हें नहीं बुलाने का भी विकल्प है लेकिन (अभियोजन पक्ष द्वारा) कोई आपत्ति नहीं जताए जाने पर और बचाव पक्ष के गवाहों से पूछताछ करने के आरोपी के अधिकारी को पहचानते हुए, मेरा मानना है कि गवाहों की इस संख्या से पूछताछ किया जाना न तो अनुचित है और न ही असंगत.”

दरअसल, कोडनानी ने कोर्ट में अर्जी देकर इस मामलें में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत 14 लोगों के बयान दर्ज कराने के लिए इजाजत मांगी थी. कोडनानी द्वारा पिछले महीने कोर्ट में इस बारें में आवेदन दाखिल किया गया था.

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गौरतलब रहें कि नरोदा पाटिया दंगा मामले में कोडनानी को 28 साल कारावास की सजा सुनाई गई है और वह अभी जमानत पर रिहा है.

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