नई दिल्ली | कथित गौरक्षको की पिटाई से मौत के आगोश में समाने वाले पहलु खान का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है. करीब 18 दिन गुजर जाने के बाद भी ,अभी तक मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी नही हो पायी है. इससे विपक्ष के उस आरोप को और बल मिलता दिख रहा है जिसमे कहा गया की बीजेपी सरकार , गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने वाले कथित गौरक्षको को संरक्षण देने का काम कर रही है.

मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी नही होने से पहलु खान के परिजनो में भी काफी आक्रोश है. उन्होंने धमकी दी है की अगर उनको न्याय नही मिला तो वो आत्मदाह कर लेंगे. सोमवार को एक मानवाधिकार संगठन के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जयपुर पहुंचे पहलु खान के भतीजे अब्दुल कयूम ने कहा की वारदात को दो हफ्ते से ज्यादा हो गया है लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नही हुई है.

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कयूम के अलावा पहलु खान के छह और रिश्तेदार इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे थे. कयूम ने बताया की वो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मुलाकात करना चाहते थे लेकिन वो उड़ीसा गयी हुई है. इसलिए आज उनसे मुलाकात नही हुई. लेकिन जब तक हमें इन्साफ नही मिलता हम जयपुर आते रहेंगे. मालूम हो की पहलु खान मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले है और वो 1 अप्रैल को जयपुर में पशु खरीदने के लिए आये थे.

कयूम के अलावा पहलु खान के चाचा भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने आये थे. उन्होंने भी अपना दर्द बयाँ करते हुए कहा की अगर उनके भतीजे को गुडगाँव या जयपुर के किसी अस्पताल में भर्ती कराया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती. लेकिन ऐसा नही हुआ. इस घटना से हमारे पुरे समुदाय में डर है.

नागरिक अधिकार संगठन पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने सोमवार को राज्य के गृह मंत्री गुलाम चंद कठारिया के खिलाफ प्रदर्शन किया. पीयुसीएल ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने सरकार से मांग की है की वो पशु खरीद के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का गठन करे. इन्ही मांग को लेकर यह संगठन 19 अप्रैल को दिल्ली के जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन करेगा.

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