internatioanl trade fare 759

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नई दिल्ली । दिल्ली के प्रगति मैदान में हर साल बड़े ही भव्य तरीक़े से आयोजित होने वाला ‘इंडिया इंटर्नैशनल ट्रेड फ़ेयर’ इस बार जीएसटी की वजह से हासिये पर चला गया है। हालत इतने बदतर हो चुके है की देश विदेश से आने वाले कुछ व्यापारियों ने अगली बार इस इवेंट में नही आने की क़सम खायी है। हालाँकि अब प्रगति मैदान को आम जनता के लिए खोल दिया गया है लेकिन कारोबारियों को अभी भी अच्छे कारोबार को कोई आस नज़र नही आ रही है।

दरअसल हर साल केंद्र सरकार का वाणिज्य मंत्रालय एक फ़्लैगशिप इवेंट ”इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर’ आयोजित करता है। यह दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया जाता है। इस साल 14 नवम्बर से यह ट्रेड फ़ेयर शुरू किया गया लेकिन अभी तक इसे उम्मीद के मुताबिक़ रेसपोंस नही मिला है। हालाँकि इस बात का अंदेशा वाणिज्य मंत्रालय को भी था। इसलिए उन्होंने उम्मीद से बेहद कम केवल 6 लाख लोगों के ही इस ट्रेड फ़ेयर में पहुँचने की उम्मीद की थी।

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जबकि हर साल औसतन 14 लाख लोग इस ट्रेड फ़ेयर में पहुँचते थे। इसके अलावा इस बार यह ट्रेड फ़ेयर केवल 55 हज़ार वर्ग मीटर में आयोजित किया गया जबकि हर साल क़रीब 1 लाख वर्ग मीटर में आयोजित किया जाता है।  इसके अलावा जहां 6000 कंपनियां और कारोबारी ट्रेड फेयर में अपने उत्पाद लेकर आती थीं, वही इस बार महज आधे (तकरीबन 3000) प्रोडक्ट्स ही उतारे गए हैं.

तुर्की, अफगानिस्तान और शारजहाँ से आए कारोबारियों के अनुसार जीएसटी की वजह से इस बार ट्रेड फ़ेयर का रंग फीका हुआ है। तुर्की के एक कारोबारी ने बताया कि वह बीते 19 साल से लगातार इंडिया ट्रेड फेयर में अपना स्टॉल लगा रहे हैं. लेकिन इस बार उन्होंने भारत में जुलाई 2017 से लागू हुए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया की इस साल उन्होंने 19 लाख में यहाँ जगह ख़रीदी थी लेकिन उनकी सेल रोज़ाना 20 हज़ार से ज़्यादा नही हो पायी है।

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