वस्तु एवं सेवा कर (GST) और नोटबंदी के फैसले को लेकर घिरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिर कह दिया कि  लोगों को उन्हें केवल नोटबंदी और जीएसटी से ही नहीं आंकना चाहिए.

एक निजी हिंदी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “केवल नोटबंदी और जीएसटी से ही मेरा अांकलन मत कीजिए. हमने आर्थिक सुधार किये हैं, शौचालय बनवाएं हैं और 18000 गांवों में बिजली पहुंचाएं हैं. जीएसटी को लागू करने के बाद हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जीएसटी की सफलता संघीय ढांचे की शक्ति में है. इसे समायोजित करने में समय तो लगता है, लेकिन इसका परिणाम अच्छा होगा.

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रोजगार सृजन में विफल रहने को लेकर हो रही आलोचना पर उन्होंने कहा, पिछले एक साल में संगठित क्षेत्र में 70 लाख ईपीएफ अकाउंट खुले हैं. एक साल में 10 करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना का लाभ लिया है. उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि ऑफिस के बाहर दुकान लगाने वाले व्यक्ति की कमाई को हम रोजगार में शामिल नहीं कर रहे हैं. वह किसी भी आंकड़े में शामिल नहीं होता है.

पीएम मोदी के इस इंटरव्यू को लेकर सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ रहा है. जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद ने लिखा कि यूं तो यह पूरा इंटरव्यू पहले से तय था, फिर भी मोदी ने किसी सवाल का सही जवाब नहीं दिया.

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