Thursday, August 5, 2021

 

 

 

एनपीआर कैलेंडर में मुस्लिमों से भेदभाव का आरोप, नहीं किया गया त्यौहारों को शामिल

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राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) को लेकर पहले ही मुस्लिम समुदाय में भारी शंका है। लेकिन गृह मंत्रालय ने इस शंका को दूर करने के बजाय और बढ़ा दिया है। दरअसल, एनपीआर कैलेंडर में मुस्लिमों त्यौहारों को शामिल नहीं किया गया। जिससे अब मुस्लिमों के साथ एनपीआर में भेदभाव के आरोप लग रहे है।

गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के गणनाकार अंग्रेजी या ग्रेगोरी कैलेंडर और महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहारों का जिक्र करके लोगों के जन्म का माह पता लगाने की कोशिश करेंगे।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने एनपीआर गणनाकारों की नियम पुस्तिका में किसी मुस्लिम त्यौहार को शामिल नहीं किए जाने संबंधी बात को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि इसमें जनगणना 2011 और एनपीआर 2010 के मानकों के अनुसार भारतीय त्यौहारों की सूची शामिल की गई है।

अधिकारी ने बताया कि यह बात गौर करने योग्य है कि त्यौहारों संबंधी पृष्ठ को नियम पुस्तिका के उन पृष्ठों के साथ पढ़ा जाए जिनमें जन्मतिथि संबंध प्रश्न का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पृष्ठ का उद्देश्य गणनाकारों की मदद करना है ताकि वे उत्तर देने वालों के जन्म के माह का अंदाजा लगा सकें।

नियम पुस्तिका के अनुसार जब उत्तर देने वाले को केवल जन्म का साल पता होता है तो गणनाकारों को चरणबद्ध नजरिया अपनाना होता है और इसके तहत वे जन्म के समय के मौसम एवं त्यौहारों के बारे में पूछकर अंदाज लगा सकता है।

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