Sunday, September 19, 2021

 

 

 

बेरोजगारी पर घिरी सरकार तो जारी किया जीडीपी का आंकड़ा, बताई नोटबंदी में सबसे ज्यादा तरक्की

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नेशनल सैम्‍पल सर्वे ऑफिस (NSSO) की ओर से जारी किए गए एक आकड़ों में बेरोजगारी दर को लेकर खुलासे के बाद आलोचनाओं में घिरी मोदी सरकार ने अब जीडीपी से जुड़ा आंकड़ा जारी किया है। जिसमे नोटबंदी के समय में सबसे ज्यादा तरक्की बताई गई है।

सरकार द्वारा गुरुवार (31 जनवरी) को जारी डेटा से यह खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2016-17 में सबसे ज्यादा जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का आंकड़ा संशोधित कर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसके 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने कहा कि 2017-18 और 2016-17 में वास्तविक यानी 2011- 12 के स्थिर मूल्य पर जीडीपी क्रमश: 131.80 लाख करोड़ रुपये और 122.98 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2017-18 में 7.2 प्रतिशत और 2016-17 में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सीएसओ ने मई में अग्रिम अनुमान में चालू वित्त वर्ष की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। 2017-18 की वृद्धि दर चार साल में सबसे कम है। इससे पहले 2013-14 में वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रही थी।

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सीएसओ ने इससे पहले चालू वित्त के अग्रिम अनुमान जारी किये जिनमें 2018- 19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। सीएसओ ने कहा, ‘‘2017-18 के लिए पहला संशोधित अनुमान अब उद्योगवार और संस्थानों के आधार पर विस्तृत सूचना को शामिल करते हुये जारी किया गया है। जबकि इससे पहले 31 मई, 2018 को जारी अस्थायी अनुमान उस समय प्रयोग में लाये गये बेंचमार्क संकेतक तरीके के आधार पर जारी किया गया था।’’

बता दें कि बेरोजगारी से जुड़े नेशनल सैम्‍पल सर्वे ऑफिस (NSSO) के आकड़ों में सामने आया था कि नोटबंदी के बाद बेरोजगारी दर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। बताया जा रहा है कि 1972-73 के बाद पहली बार बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत पर आई है।

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