नई दिल्ली | नोट बंदी का एलान करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने दलील दी की 500 और 1000 के नोटों की वजह से देश में भ्रष्टाचार और कालाधन बढ़ रहा है. इसलिए पुराने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला किया गया है. लेकिन इसी घोषणा के समय मोदी ने नए 500 और 2000 के नोट जारी करने का भी एलान किया. हालाँकि उस समय विपक्षी दलों ने सवाल किया की अगर 1000 का नोट भ्रष्टाचार और कालाधन बढाता है तो 2000 का नोट उसको कैसे रोकेगा?

इस सवाल का जवाब सरकार ने न ही किसी प्रेस वार्ता और न ही संसद में दिया. उस समय यह भी चर्चा थी की 1000 का नया नोट जारी नही किया जाएगा. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है की सरकार 1000 का नया नोट जारी करने पर विचार कर रही है. इसका डिजाईन भी फाइनल हो चूका है. मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया की कुछ दिनों में ही इसको जारी भी कर दिया जायेगा.

मीडिया हलको में जैसे ही इस मामले की सुगबुगाहट बढ़ी वैसे ही सरकार को भी आगे आकर इस बारे में स्पष्टीकरण देना पड़ा. सरकार ने 1000 के नए नोट जारी करने का खंडन करते हुए लोगो से अपील की है की वो उतना ही कैश एटीएम से निकाले जितनी जरुरत हो. बुधवार को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी.

उन्होंने लिखा,’ 1000 रूपए के नए नोट जारी करने की सरकार की कोई योजना नही है. हमारा पूरा फोकस 500 और उससे छोटे नोटों के प्रोडक्शन पर और उनकी सप्लाई पर है’. एटीएम में जारी कैश की किल्लत पर शक्तिदास ने ट्वीट कर लोगो से अपील की,’ इस समस्या को जल्द हल करने का प्रयास किया जा रहा है, हमारा अनुरोध है की उतन ही कैश निकाले जितनी की जरुरत है. कुछ लोग जरुरत से ज्याद कैश निकाल रहे है जिससे समस्या उत्पन हो रही है.


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