नई दिल्ली | कल सोशल मीडिया पर डाली गयी बीएसएफ की एक विडियो ने पुरे देश में हलचल मचा दी है. जवान ने खुद तीन विडियो रिकॉर्ड करके अफसरों पर आरोप लगाया था की वो उन्हें खाने के लिए घटिया खाना देते है. अफसर सारा खाना बाजार में बेच देते है. जवान ने सीमा पर बनने वाले खाने की भी विडियो रिकॉर्ड की और पुछा की क्या कोई जवान इस खाने को खाकर 11 घंटे ड्यूटी कर सकता है?

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के आरोपों पर आज सरकार हरकत में आती दिखी. इसके अलावा बीएसएफ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. बीएसएफ ने उलटे तेज बहादुर पर आरोप लगाते हुए कहा की केवल तेज बहादुर ने इस तरह का आरोप लगाया है जबकि तेज बहादुर का इतिहास दागी रहा है. हालांकि तेज बहादुर ने माना है की उस पर पहले भी एक्शन लिया गया है.

उधर मीडिया में तेज बहादुर का विडियो वायरल होने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए ट्वीट किया की मैंने सोशल मीडिया पर वो विडियो देखी है. मैंने इसके लिए बीएसएफ से रिपोर्ट मांगी है और आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है. वही केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा की उनके लिए सीमा और अन्य दुर्गम स्थानों पर तैनात सैनिको की भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है. हम किसी भी कमी से कड़ाई से निपटेंगे.

अब इस मामले ने राजनितिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. कई विपक्षी नेताओं ने तेज बहादुर का समर्थन किया है. जदयू नेता शरद यादव ने तेज बहादुर को सम्मानित करने की मांग की है. उन्होंने कहा की बीएसएफ की 29 बटालियन के उस जवान को जिसने उन्हें मिलने वाले ख़राब खाने की हकीकत को सामने रखा, उसके लिए उसे सम्मानित किया जाना चाहिए. उधर खबर मिली है की तेज बहादुर का ट्रान्सफर केम्प से हटाकर बीएसएफ हेड क्वार्टर में कर दिया गया है.


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