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नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद लोगो के ऊपर कुछ और पाबंदिया लगाई जा सकती है. सरकार हर उस विकल्प पर विचार कर रही है जिससे बाजार में कैश के सर्कुलेशन पर लगाम लगाईं जा सके. इसके तहत सरकार कैश लेस ट्रांजेक्सन को बढ़ावा दे रही है, लोगो से आग्रह कर रही की वो ज्यादा से ज्यादा डिजिटल मनी का इस्तेमाल करे. अब सरकार घर के अन्दर कैश रखने और कैश लेन देन की सीमा भी तय करने जा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय इस बारे में विचार कर रही है की घर में कैश रखने की एक सीमा तय की जाए. इसके अलावा कैश लेन देन को भी एक सीमा में बाँधा जाए. इससे बाजार में कैश फ्लो कम होगा जिससे सरकार को कम करेंसी छापनी पड़ेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली यह पहले ही स्पष्ट कर चुके है की जितनी करेंसी चलन से बाहर हुई है , उतनी करेंसी सरकार नही छापेगी.

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खबर मिली है की आयकर विभाग के छापो में मिल रही नकदी से सरकार सकते में है. इसके अलावा कालेधन पर बनी एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिला रिपोर्ट में सुझाव दिए है की घर में रखने और लेन देन में कैश लिमिट लगाई जाए. अब यह तय नही है की सरकार उस रिपोर्ट को आधार मानकर ही इसे लागू करेगी या वित्त मंत्रालय कोई और प्रस्ताव लाएगी.

सुप्रीम कोर्ट में जमा एसआईटी की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है की घर में 15 लाख रूपए से अधिक की नकदी को प्रतिबन्धित किया जाए. इसके अलावा 3 लाख से ऊपर के सभी लेन देन कैश में करने पर रोक लगे. अगर सरकार यह फैसला लेती है तो उन लोगो को भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ेगा जिनका पूरा कारोबार कैश पर निर्भर है. देखते है , आगे आगे किन और चीजो पर प्रतिबंध लगता है?

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