देश के किसानो के बिगड़ते हालत को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र की मोदी सरकार को कई बार फटकार लगा चूका हैं. लेकिन मोदी सरकार अब भी जुमलेबाज़ी में ही व्यस्त है. कही पर किसान खुदखुशी कर रहे हैं तो कही पर खुदखुशी करने को मजबूर हैं. ऐसे में जो किसान मेहनत करके अपना पेट पालना चाहता है वह भी सरकार के फैसलों की वजह से अपनी हार मान चूका है.

सोचिए! 20 क्विंटल आलू की फसल जिस पर उसने दिन-रात मेहनत की और उसे बेचने के बाद अगर किसी किसान को केवल 1 रुपये का मुनाफ़ा हो तो वह क्या करेगा? ऐसा हुआ हैं इंदौर में राजा चौधरी नाम के एक किसान के साथ. राजा चौधरी इंदौर की मंदी में जब अपने आलू की उपज का 20 क्विंटल आलू बेचा तो उन्हें मुनाफे के रूप में केवल एक रुपया ही मिला.

राजा चौधरी को 20 क्विंटल आलू मंडी तक पहुँचाने में 1074 रुपये खर्च करने पड़े और वहीँ 20 क्विंटल आलू मंडी में 1075 रुपये के बिके. इसके अलावा उनकी आलू की फसल पर किये गये खर्च अलग हैं. किसान राजा चौधरी का दावा है कि इस बार तो उसे एक रुपए का मुनाफा भी हुआ है, वहीँ पिछली बार उन्होंने 1620 रुपए के आलू बेचे थे, जबकि खर्च हुए थे 2393 रुपए. यानी 773 रुपए का उसे नुकसान हुआ है.

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मामले में केदार सिरोही, जोकि किसान यूनियन के सदस्य हैं, ने राजा चौधरी द्वारा दिये गये बिल को ट्विटर पर शेयर कर प्रधानमंत्री से सवाल किया है. केदार सिरोही ने ट्वीट किया है कि “2000 किलो आलू की कीमत 1 रुपया इसमें बताओ कितना रुपया किलो मिलेगा किसान को ? विद्वान गुना भाग और जोड़ कर बताये। @PMOIndia”

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