ग्वालियर में एक बार फिर से महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के महिमामंडन का मामला सामने आया है। शुक्रवार को गोडसे का बलिदान दिवस मनाया और पूजा भी की गई। हिंदू महासभा ने गोडसे के इतिहास को पढ़ाने की भी मांग की।

जानकारी के अनुसार, ग्वालियर में हिंदू महासभा ने दौलत गंज स्थित अपने कार्यालय में नाथूराम गोडसे की फांसी के दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाया। हिंदू महासभा ने उसका 70 वां बलिदान दिवस मनाया। नाथूराम गोडसे की तस्वीर कार्यालय में लगायी गयी और उनकी पूजा की। उसके बाद महाआरती का आयोजन किया गया।

इस दौरान नाथूराम गोडसे के गुणगान वाली आरती भी गाई गई। पूजन आरती के आयोजन के बाद हिंदू महासभा ने प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उसमें हिंदू महासभा ने मुख्यमंत्री से नाथूराम गोडसे के अंतिम बयान को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है।

हिंदू महासभा द्वारा गोडसे का बलिदान दिवस मनाए जाने की कांग्रेस ने भर्त्सना की है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने कहा, ‘हिंदू महासभा का कृत्य अत्यंत निंदनीय है। यह देश गांधी के सिद्धांतों पर चलता है। इस देश को आजादी गांधी ने दिलाई, सरकारें गांधी के सिद्धांतों पर चलती हैं। बीजेपी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह इन लोगों के साथ खड़ी है या उनके विरोध में है।

बता दें कि 30 जनवरी 1948 गोडसे ने अहिंसा वादी, शांति के समर्थक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी। डेढ़ साल से ज्यादा लंबे चले ह*त्या के केस के बाद गोडसे को आज ही के दिन 15 नवंबर 1949 को फांसी की सजा दी गई थी।

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