Wednesday, June 29, 2022

शरई मालदार ढाई प्रतिशत माल गरीबों को दें तो मुसलमानो की गरीबों दूर हो जाएगी: अहसन मियां

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बरेली। सौ साला उर्स ए रज़वी के दूसरे दिन दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) ने मुसलमानों की आर्थिक कमजोरी पर चिंता जाहीर करते हुए कहा कि शरई मालदार ढाई प्रतिशत अपना माल गरीबों को अदा कर दें, तो मुसलमानों की गरीबी दूर हो जाएगी।

वहीं दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसन मियां ने मुसलमानों में शिक्षा पर ज़ोर दिया। उन्होने कहा कि मौजूदा वक्त में मुसलमानों के माली आर्थिक हालातों में सुधार होने से शिक्षा के क्षेत्र में भी बदहाली दूर होगी। बता दें कि आला हजरत 14 वी सदी के मुजद्दीद है।

दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां ने नुजूम-ए-हिदायत, फतावा हामिदिया का उर्दू तजुर्मा, समेत दर्जन भर किताबों का विमोचन किया। आला हजरत पर प्रकाशित सौ साला विशेषांक का भी विमोचन किया। इसमें मुफ्ती अय्यूब खान, मुफ्ती हनीफ खान आदि रहे।

शहजादे ताजुश्शरीया मुफ्ती असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में शुरू हुए सौवें इंटरनेशनल उर्स-ए-रजवी में देश के अलावा विदेश से भी बड़ी संख्या में जायरीन और उलमा शिरकत करने पहुंचे। इस बार पाकिस्तानी जायरीन भी आए।

15 साल बाद यह मौका आया है जब पाकिस्तानी जायरीन अटारी बार्डर पार करके भारत पहुंचे। यह 14 सदस्यीय दल देर रात बरेली पहुंचा है। इसके लिए भारत सरकार ने इन्हें विशेष अनुमति दी है। पाकिस्तान के अलावा अमेरिका, हालैंड, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, मॉरिशस, बंगलादेश, सउदी अरब, मिस्र, श्रीलंका, लेबनान आदि के उलमा और मशाइख हैं। जो खास असजद मियां के दावतनामे पर पहुंचे।

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