नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह अक्सर अपने विवादित बयानो और ट्वीट्स की वजह से सुर्ख़ियो में बने रहते है। एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद हो सकता है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा की देश में जनसंख्या नियंत्रण के सम्बंध में क़ानून बनना चाहिए क्योंकि अगर बहुसंख्यको की आबदी गिरेगी तो देश में लोकतंत्र ख़तरे में होगा।

गुरुवार को सरोकार समिति के कार्यक्रम ‘राष्ट्रवाद के संकल्प से नव भारत की सिद्धि’ में बोलते हुए गिरिराज सिंह ने उक्त बातें कही। उन्होंने जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए क़ानून बनाने की माँग करते हुए कहा की भारत में जम्हूरियत भी तब तक है और लोकतंत्र भी तभी तक सुरक्षित है जब तक बहुसंख्यकों की आबादी है। जिस दिन बहुसंख्यको (हिंदुओ) की आबदी गिरेगी उसे दिन लोकतंत्र , विकास और सामाजिक समरस्ता भी ख़तरे में होंगे।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और कुछ अन्य राज्यों के 54 जिलो में हिंदू आबदी गिर गयी है और यहाँ मुस्लिम बहुसंख्यक हो गए है। यह भारत की एकता और अखंडता के लिए बाद ख़तरा है। क्योंकि मैं चुनौती और जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि देश में जहां-जहां हिन्दुओं की आबादी गिरी है, वहां-वहां सामाजिक समरसता कम हुई है और राष्ट्रवाद कमजोर हो रहा है।

पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा की वहाँ आज़ादी के समय 22 फ़ीसदी हिंदू आबादी थी जो अब घटकर 1 फ़ीसदी रह गयी है। जबकि भारत में उस समय 8 फ़ीसदी मुस्लिम थे जो बढ़कर 22 फ़ीसदी हो गए है। उन्होंने आगे कहा की देश के बढ़ती जनसंख्या सरकार की चिंता तो है लेकिन यह आप (समाज) की भी चिंता होना चाहिए, क्योंकि इसके कारण देश में किया जा रहा विकास और रोजगार दिखाई नहीं देता है। इसलिए राष्ट्रवाद के लिए जनसांख्यिकी बदलाव घातक है और इससे निपटने के लिए गांव-गांव से आवाज उठनी चाहिए।