परिवार से मिलने की चाहत में गुलाम नबी आजाद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

12:22 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद  ने अपने परिवार के सदस्यों का हालचाल जानने के लिए अपने गृह राज्य जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति के वास्ते सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

गुलाम नबी आजाद ने अपनी याचिका में कहा कि वो अपने परिजनों और रिश्तेदारों का हालचाल जानने के लिए अपने गृह राज्य जम्मू-कश्मीर जाना चाहते हैं। लिहाजा उनको इसकी अनुमति दी जाए। सोमवार को गुलाम नबी आजाद की याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े और एस अब्दुल नजीर की बेंच सुनवाई करेगी।

आजाद ने कहा, ‘‘मैंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर याचिका दायर की है न कि कांग्रेस की ओर से। इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है और यह पूरी तरह से मानवीय आधार पर है। मैंने तीन बार अपने गृह राज्य जाने का प्रयास किया लेकिन मुझे अनुमति नहीं दी गई।”

अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद अदालत विभिन्न मुद्दों से जुड़ी दूसरी याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। ये याचिकाएं कई मुद्दों से जुड़ी हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर में आवागम में छूट की मांग भी शामिल है। सज्जाद लोन की अगुवाई वाली जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस ने जम्मू एवं कश्मीर (पुनर्गठन) अधिनियम 2019 के जरिए अनुच्छेद 370 को रद्द करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

इसके अलावा मारुमालरची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पार्टी (एमडीएमके) के महासचिव वाइको ने सुप्रीम कोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। यह याचिका जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को प्रस्तुत करने के लिए दायर की गई है। कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन ने मीडिया के आवागमन के लिए छूट देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है।

बता दें कि आजाद ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए शीर्ष अदालत से अनुमति मांगी है। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने के बाद उन्होंने अपने गृह राज्य जाने का प्रयास किया था लेकिन अधिकारियों ने उन्हें हवाई अड्डे से ही वापस भेज दिया था।

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