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वायु सेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है.

इंडिया गेट पर रिपब्लिक डे समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ज्योति प्रकाश निराला के परिवार को इस सम्मान से सम्मानित किया. बता दें कि अशोक चक्र शांति के समय दिया जाने वाला सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है. यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है.

19 नवंबर 2017 कश्मीर के बांदीपुरा जिले के हाजिन इलाके के चंदरगीर गांव में निराला ने आतंकियों से अकेले ही लोहा लिया था. इस हमले में शहीद होने से पहले कमांडो निराला ने मुबंई हमले के मास्टरमांइड लश्कर-ए-तैयबा के चीफ जकिरउर्र रहमान लखवी के भतीजे समेत 3 आतंकियों को ढ़ेर किया था.

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बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले 31 वर्षीय ज्योति प्रकाश निराला वायु सेना के पहले एयरमैन हैं. जिन्हें ग्राउंड ऑपरेशन के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है. निराला की एक बेटी और 3 अविवाहित बहनें भी है. उनके बूढ़े मां-बाप भी परिवार में हैं.

निराला से पहले पायलट फ्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह को भी परमवीर चक्र सम्मान मिल चुका है. निर्मलजीत सिंह ने 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी. वहीं एयरफोर्स में सबसे पहले अशोक चक्र पाने वाले स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा थे जिन्हें 1984 में यह सम्मान मिला था.