बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने देश के बँटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि यदि जवाहर लाल नेहरू की जगह जिन्ना प्रधानमंत्री बनते तो देश का विभाजन नहीं होता।

गोवा इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत करते हुए उन्होने कहा, ”महात्‍मा गांधी, जिन्‍ना को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन नेहरू नहीं माने। वह आत्‍मकेंद्रित थे। उन्‍होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री बनना चाहता हूं।’ यदि जिन्‍ना प्रधानमंत्री बनते तो भारत और पाकिस्‍तान के बीच विभाजन नहीं होता।”

इस दौरान एक छात्र ने जब यह पूछा कि आखिर कोई किस तरह इस तरह के निर्णय ले जिससे कि गलतियां नहीं हों? इस पर दलाई लामा ने नेहरू के निर्णय की पृष्‍ठभूमि में कहा, ‘गलतियां होती ही हैं।’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

jinnah

साथ ही जीवन में सबसे बड़े डर के बारे में एक सवाल के जवाब में, आध्यात्मिक नेता ने उस दिन को याद किया जब उसे तिब्बत से अपने समर्थकों के साथ भागना पड़ा था। उन्होंने कहा, “17 मार्च, 1959 की रात को, 10 मार्च के संकट के बाद जो 1956 में शुरू हुई समस्या का परिणाम था, इसे हमे बचाना चाहिए था।”

बता दें कि दलाई लामा सखाली स्थित इंस्‍टीट्यूट के कैंपस में आधुनिक समय में परंपरागत भारतीय ज्ञान के महत्‍व संबंधी विषय पर लेक्‍चर देने के लिए गए हैं। गोवा में पिछले सात सालों में दलाई लामा का यह पहला लेक्‍चर है।