दूसरे रायसीना डायलॉग के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को दो-टूक संदेश देते हुए कहा है कि यदि वह भारत से बातचीत करना चाहता है तो उसे आतंकवाद से दूर रहना होगा.

उन्होंने कहा कि ‘मैं पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहता हूं. शपथ ग्रहण के मौके पर मैंने पाकिस्तान के साथ सार्क  के सभी देशों को आमंत्रित किया था. पिछले ढाई साल में हमने शांति के लिए काम किया है. अफगानिस्तान में इसकी मिसाल देखी जा सकती है. भारत और अफगानिस्ता के बीच मजबूत हुए रिश्ते हमारे प्रयासों का उदाहरण है.’

मोदी ने कहा कि जो पड़ोसी देश अहिंसा, नफरत को बढ़ावा देकर आतंकियों को भेजते हैं वह अलग रहते हैं और उनपर कोई ध्यान नहीं देता. चीन के साथ संबंधों पर पीएम ने कहा कि दो शक्तिशाली पड़ोसी देशों के बीच कुछ मतभेद होना अस्वाभाविक नहीं है. हम दोनों ही देशों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं और हितों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान दिखाने की जरूरत है. मौजूदा अनुभव बताता है कि यह सदी एशिया की होगी.

पीएम ने कहा कि हमने नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी विकास के लिए सहयोग पर बात की है. रूस पर मोदी ने कहा कि वो भारत का एक स्थायी दोस्त है. राष्ट्रपति पुतिन और मैंने लंबी बातचीत की है. आतंक पर पीएम ने कहा कि जो भी हमारे पड़ोसी हिंसा, घृणा और आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं, वे अलग और नजरअंदाज किए गए हैं. हम अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद खत्म करके इसे धर्म से अलग करना चाहते हैं.


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