अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट जारी है। गुरुवार को एक डॉलर की कीमत 70.22 डॉलर तक पहुंच गई। लेकिन आरबीआईके पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि उभरते बाजार के हालात 2013 के मुकाबले काफी अच्छे हैं।

सीएनबीसी को दिए दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह घरेलू मुद्रा के बारे में बहुत चिंतित नहीं है क्योंकि ” इसके पीछे की वजह रुपये की कमजोरी नहीं, बल्कि डॉलर की मजबूती है। भारत में एमर्जिंग मार्केट्स की स्थिति 2013 के मुकाबले काफी अच्छी है।”

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राजन ने कहा कि, “रुपया कुछ समय के लिए असली शर्तों में मजबूत रहा है, जबकि मुद्रास्फीति दर मामूली रही है, लेकिन विश्व मुद्रास्फीति दर से ऊपर है। नतीजन रुपये के साथ मामूली कमजोर पड़ने की जरूरत है। इससे हालात बेहतर होंगे। इसलिए, मैं रुपये के बारे में बहुत चिंतित नहीं हूं कि यह अन्य समय ये ज्यादा गिर रहा है।”

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उन्होंने आगे कहा कि, “भारतीय करेंसी की कमजोरी डॉलर की मजबूती की वजह से है। इसकी और कोई वजह नहीं है। लेकिन, मैं कहना चाहूंगा कि निवेशकों को बड़े चालू खाता घाटे के साथ-साथ उच्च स्तर के ऋण वाले देशों को देखना चाहिए।”

टर्की संकट पर रघुराम राजन ने कहा कि टर्की में खराब नीतियों की वजह से दिक्कत देखने को मिल रही है। कुछ देश बेहद नाजुक दौर में हैं और टर्की के हालात से करेंसी संकट बढ़ने का डर है। डॉलर इंडेक्स की ऊंचाई और अमेरिका के फैसले से टर्की में यह हालात बने हैं।

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