ओडिशा के सम्बलपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हेलीकॉप्टर की कथित रूप से जांच करने बाद आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया। चुनाव आयोग के मुताबिक, कर्नाटक कैडर के अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा से जुड़े निर्वाचन आयोग के निर्देश का पालन नहीं किया।

इस मामले में पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी ने एक बड़ी बात कह दी है। कुरैशी ने कहा है कि पीएम के चॉपर की तलाशी करने पर आईएएस अधिकारी के निलंबन के बाद उन्होंने एक बहुत बड़ा मौका गंवा दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आयोग और पीएम नरेंद्र मोदी की एक अच्छी छवि बनती, लेकिन अधिकारी के निलंबन के बाद उन्होंने यह मौका गंवा दिया है।

कुरैशी ने लिखा, “आईएएस अधिकारी का निलंबन, जो कि ओडिशा में चुनाव निरीक्षण पर था, पीएम नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने पर उसे निलंबित कर दिया गया। यह केवल दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं है बल्कि इससे चुनाव आयोग और पीएम ने एक अच्छा मौका गंवा दिया है। ये दोनों  ही संस्थाएं लोगों की नजरों में हैं. पीएम बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग बार-बार इसकी अनदेखी कर रहा है। पीएम के चॉपर की इस जांच का उपयोग ये दिखाने के लिए किया जाना चाहिए था कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं।“

ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के हेलिकॉप्टर की तलाशी की घटना का जिक्र करते हुए डॉ. एसवाई कुरैशी ने कहा कि उनके (नवीन पटनायक) आंखों के सामने चुनाव आयोग की टीम ने हेलिकॉप्टर चेक किया। पटनायक ने इसके खिलाफ कोई प्रतिक्रिया देने की बजाय उन्होंने इसका सम्मान किया। वह असल में राजनेता हैं और हमें ऐसे ही राजनेताओं की जरूरत है।

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