जम्मू के कठुआ में आठ साल की बच्ची से मंदिर में गेंगरेप और हत्या के मामले में आरोपियों का केस अब पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके बीजेपी नेता मास्टर मोहन लाल लड़ने जा रहे है। इतना ही नहीं मोहन लाल आरोपियों से केस लड़ने का कोई पैसा भी नहीं लेंगे।

मास्टर मोहन लाल केस के दो मुख्य आरोपियों सांझी राम और उसके बेटे विशाल के लिए पैरवी करेंगे। इस सबंध में उन्होने कहा, “मेरे मुवक्किल के साथ मेरे पेशेवर संबंध रहे हैं, और मेरा उनके साथ बचाव पक्ष के वकील के रुप में जुड़ने का राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।”

मास्टर मोहन लाल ने कहा कि आरोपियों ने मुझसे संपर्क किया, वे किसी भी दूसरे क्लायंट की तरह ही है, मैं उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए अदालत में लडूंगा।” 71 साल के मास्टर मोहन लाल ने कहा कि वे कभी भी अपने मुवक्किलों से फीस नहीं लेते हैं।

kathua asifa rape protest

बता दें कि इस साल जनवरी में हुई इस हैवानियत के मामले में सातों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय कर दिये गए है।सेशंस कोर्ट ने 120-बी (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या) और 376-डी (सामूहिक बलात्कार) सहित रणबीर दंड संहिता की विभिन्न धराओं के तहत सांझीराम, उसके बेटे विशाल, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया उर्फ दीपू, सुरिंदर वर्मा, परवेश कुमार उर्फ मन्नू, हेड कांस्टेबल तिलकराज और उप पुलिस निरीक्षक अरविंद दत्ता के खिलाफ आरोप तय किए।

इन सभी पर साक्ष्य मिटाने तथा रणबीर दंड संहिता की धारा 328 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से जहरीली चीज देना) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। दो पुलिसकर्मियों- तिलकराज और अरविंद दत्ता के खिलाफ रणबीर दंड संहिता की धारा 161 (सरकारी कर्मचारी के रिश्वत लेने) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं।

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