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केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने भाजपा के पूर्व मंत्री एवं खनन उद्योगपति जी जनार्दन रेड्डी को कथित एंबियंट समूह घूस मामले में गिरफ्तार किया और 24 नवंबर तक उन्हें न्यायिक हिरासत पर भेज दिया है। बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने रेड्डी के करीबी सहयोगी अली खान को भी गिरफ्तार किया है।

शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा, ‘हमने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला विश्वसनीय साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर किया। हम उन्हें मैजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे। हम उनसे पैसों की वसूली करेंगे और उसे निवेशकों को दे देंगे।’

इससे पहले 3 दिन तक गायब रहने के बाद जर्नादन रेड्डी शनिवार को 600 करोड़ रुपए के कथित पोंजी भ्रष्टाचार मामले में क्राइम ब्रान्च के कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए थे।

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अपराध शाखा की जांच में पता चला था कि रेड्डी और खान ने एबिडेंट मार्केटिंग से 18 करोड़ रुपये के मूल्य का 57 किलो सोना लिया था। इस सोने को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से एबिडेंट के प्रमोटर सैयद अहमद फरीद को ढील देने के बदले लिया गया था। जिसके बाद ईडी ने खान और रेड्डी को पूछताछ के लिए रविवार को नोटिस दिया था।

पुलिस के हिसाब से फरार चल रहे रेड्डी अपने वकीलों के साथ कार से केंद्रीय अपराध शाखा कार्यायल पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने किसी अज्ञात स्थान से वीडियो जारी कर कहा था कि वह केंद्रीय अपराध शाखा के सामने पेश होंगे।

केंद्रीय अपराध शाखा कार्यालय पहुंचने के बाद रेड्डी ने दावा किया था कि यह एक ‘राजनीतिक साजिश’ है और उन्हें पुलिस पर विश्वास है। इससे पहले अपने वीडियो संदेश में रेड्डी ने कहा था कि वह भाग नहीं रहे हैं और शहर में ही हैं। उन्हें भागने की कोई जरूरत भी नहीं है। संदेश में उन्होंने कहा था, ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। पुलिस के पास यह साबित करने के लिए एक भी सबूत नहीं है कि मैं गलत हूं। वह मीडिया को गुमराह कर रही है।’

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