30 साल भारतीय सेना में रहकर की देश सेवा, कारगिल जंग के हीरो को भेजा गया डिटेंशन कैंप

भारतीय सेना से रिटायर्ड और अब असम पुलिस में जॉब करने वाले सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद सनउल्लाह (52) को विदेशी घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति पदक विजेता सनउल्लाह को बुधवार को ‘विदेशी’ घोषित कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उन्हें नजरबंदी शिविर में भेज दिया है।

बता दें कि सनउल्लाह सेना के सम्मानित कैप्टन पद से 2017 में रिटायर्ड हैं। जानकारी के मुताबिक, सनउल्लाह ने 2018 में असम पुलिस की बॉर्डर विंग बतौर सब-इंस्पेक्टर 2018 में ज्वॉइन की थी। राज्य पुलिस की यह विंग उन विदेशियों का पता लगाती है, जो 25 मार्च 1971 के बाद असम में बस गए। बता दें कि इस तारीख से असम की नागरिकता तय की जाती है।

कामरूप जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीब सैकिया के अनुसार, मतदाता सूची में ‘डी’ (संदिग्ध) मतदाता के रूप में सनाउल्ला का नाम सूचीबद्ध होने के बाद वर्ष 2008 में वहां दर्ज एक मामले के बाद आया था। न्यायाधिकरण के फैसले के बाद, सैकिया ने कहा कि पुलिस निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सनाउल्लाह को ले गई और उन्हें गोलपारा जिले के नजरबंदी शिविर में भेज दिया गया है।

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सनाउल्लाह ने शिविर में जाने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह एक भारतीय नागरिक हैं और उनके पास नागरिकता संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश की सेना में 30 वर्षों (1987-2017) तक इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी के रूप में सेवा की और 2014 में राष्ट्रपति के पदक से सम्मानित किया गया।

सनाउल्लाह ने कहा कि उन्होंने जिले के बोको में चंपो पारा गवर्नमेंट हाई स्कूल से हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएलसी) की परीक्षा पास की थी और सेना से रिटायर होने के बाद वह पिछले वर्ष से सीमा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी बेटी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पिता ने न्यायाधिकरण को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें मतदाता कार्ड और पैतृक संपत्ति के दस्तावेज शामिल थे। उनके परिजनों ने कहा कि वह न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

इस बीच एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने एक अधिसूचना में कहा कि मतदाता सूची में ‘डी’ के रूप में चिह्नित मतदाताओं को एनआरसी में शामिल किए जाने पर विचार किया जाएगा, यदि वह अदालत से भारतीय घोषित होने का प्रमाण पत्र ले आते हैं।

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