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नई दिल्ली | नोट बंदी हुए आज 31 दिन हो चुके है. लेकिन हालात सामान्य होने का नाम नही ले रहे है. पुरे देश में कैश की किल्लत है. इससे न केवल देश के लोगो को बल्कि विदेशी सैलानीयो को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जगह जगह से खबरे आ रही है की विदेशी सैलानी कैश की किल्लत की वजह से सडको पर नाच गाना तक करने पर मजबूर हो गए है.

इन्ही परेशानियों को देखते हुए विदेशी सैलानियों ने फ़िलहाल भारत आने से तौबा कर ली है. जिन लोगो ने होटल में बुकिंग करायी हुई थी वो सब कैंसल हो चुकी है. ज्यादातर टूरिस्ट कंपनियो का कारोबार भी ठंडा पड़ चुका है. अकेले महाराष्ट्र में करीब 20 फीसदी होटल बुकिंग कैंसिल हो चुकी है. वही टूरिस्ट कंपनियों के जरिये बुकिंग कराने वाले ज्यादातर सैलानियों ने या तो बुकिंग रद्द कर दी है या डेट आगे बढ़ा दी है.

होटल ऐंड रेस्तरां असोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (HRAWI) के अनुसार नोट बंदी का असर होटल व्यवसाय पर भी देखने को मिला है. यह विदेशी सैलानियों के आने का पीक टाइम है. इस समय ज्यादातर होटल की बुकिंग फुल रहती है. लेकिन नोट बंदी के बाद विदेशी सैलानियों ने भारत आने के अपने कार्यक्रम को फ़िलहाल या तो रद्द कर दिया है आया कुछ दिनों के लिए टाल दिया है. इसका प्रभाव यह पडा है की करीब 20 फीसदी होटल बुकिंग रद्द हो चुकी है.

पुणे की एक सरकारी गाइड के अनुसार पिछले एक महीने में उसने एक भी विदेशी सैलानी को गाइड नही किया है. सरकारी गाइड दया सुदामा के मुताबिक करीब 7 विदेशी सैलानी जो भारत आने वाले थे , ने अपना कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए कैंसिल कर दिया है. इसके अलावा दो अन्य विदेशी सैलानी जो दिसम्बर अंत में भारत आने वाले थे, ने भी अपने प्लान में बदलाव किया है.


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