इस्लाम के खिलाफ फैली गलत धारणाओं को लेकर मशहूर उपन्यासकार अनीता नायर ने कहा कि अब वक्त की जरूरत हैं कि लोगों के मन से इस्लाम के खिलाफ फैली गलाफह्मियों को दूर करने के लिए इस्लामिक और कुरान की शिक्षाओं को आम करने की जरूरत हैं.

हाल ही में लांच हुई अपनी किताब ‘मौजज़ा और बेबी जान: स्टोरीज़ फ्रॉम क़ुरान’ पर बातचीत करते हुए उनहोंने कहा कि अब बच्चों को भी ये बताने की जरूरत हैं कि इस्लाम भी अन्य धर्मों की तरह एक धर्म हैं. लोगों की इस सोच से बाहर निकालना होगा कि इस्लाम एक खतरनाक मज़हब है. उन्होंने कहा कि हमें बच्चों को भी ये बताना होगा कि हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म की तरह इस्लाम भी एक धर्म है.

नायर के अनुसार, बहुत से मुस्लिम लेखक इस तरह का काम करना चाहते हैं लेकिन वे सिर्फ़ इसलिए हिचकिचाते हैं कि उनके इस काम को एक प्रोपेगेंडे (इस्लाम का प्रचार) की तरह लिए जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर मै ऐसा करती हूँ तो मेरे बारें में ऐसा कुछ नहीं कहा जाएगा. क्योंकि मैं हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखती हूँ. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ़ लोगों को इस धर्म के बारे में बताना चाहती हूँ.

उन्होंने आगे कहा, आज बाइबल की कहानियां, हिंदू पौराणिक कथाएं और अन्य धर्मों से जुडी जानकारी आम हैं लेकिन कुरान से सबंधित लेखन न के बराबर हैं. ऐसे में जब आतंकी कुरान को गलत रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं तो ज़रूरी है कि इसके बारे में लोगों को बताया जाए.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें