उपभोक्ता खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति नवंबर माह में दहाई का आंकड़ा पार कर 10.01 प्रतिशत हो गई है। बीते 6 सालों में पहली बार उपभोक्ता खाद्य मूल्य मुद्रस्फीति ने दहाई के आंकड़े में प्रवेश किया है। इससे पहले दिसंबर 2013 में उपभोक्ता खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति 13.16 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में खाद्य महंगाई दर 7.89% से बढ़कर 10.01% हो गई है। नवंबर माह में ग्रामीण रिटेल महंगाई दर 4.29% से बढ़कर 5.27% हो गई है जबकि शहरी रिटेल महंगाई दर 5.11% से बढ़कर 5.76% हो गई है। हालांकि, सरकार के लिए थोड़ी सी राहत की खबर यह रही कि औद्योगिक उत्पादन दर में सुधार हुआ है। औद्योगिक उत्पादन दर -4.3 फीसदी के मुकाबले अक्टूबर में -3.8 फीसदी रही है।

महीना खुदरा महंगाई दर
जून 3.18%
जुलाई 3.15%
अगस्त 3.28%
सितंबर 3.99%
अक्टूबर 4.62%
नवंबर 5.54%

गौरतलब है कि खाद्य मुद्रास्फीति में उछाल उस दिन देखने को मिला है, जब NSO ने औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े पेश किए हैं। NSO के इन आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन गिरकर 3.84 प्रतिशत रह गया है। इसके अलावा बिजली मांग से लेकर कार बाइक की बिक्री में गिरावट अर्थव्यवस्था में गिरावट के संकेत दे रहे हैं।

महंगी हुईं सब्जियां

आंकड़ों की मानें तो प्याज, टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतों में इजाफा होने के कारण नवंबर में महंगाई दर ये उछाल देखने को मिला है। सब्जियों की महंगाई नवंबर में बढ़कर 36 फीसदी हो गई है जो एक महीना पहले 26 फीसदी थी।

नवंबर में शहरी और ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की चीजों के दाम 10.01 फीसदी तक बढ़ गए हैं। हेडलाइन CPI में फूड की हिस्सेदारी 45.9 फीसदी है। सितंबर में प्याज की कीमतों में 45.3 फीसदी इजाफा हुआ है।  वहीं अक्टूबर में प्याज के दाम 19.6 फीसदी बढ़े हैं।

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