Monday, August 2, 2021

 

 

 

लोकसभा चुनाव से पहले देश को मिला पहला लोकपाल, पीसी घोष के नाम लगी मुहर

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लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को लोकपाल की नियुक्ति को मंजूरी दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने उनके नाम की सिफ़ारिश की थी। समिति के सदस्य और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक में भाग नहीं लिया था।

डॉक्टर पिनाकी चंद्र घोष को लोकपाल नियुक्त करने के साथ ही न्यायिक सदस्यों के तौर पर जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती, जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी, जस्टिस दिलीप भोंसले और जस्टिस अभिलाषा कुमारी को नियुक्त किया गया है। इनके अलावा कमेटी में 4 अन्य सदस्यों के तौर पर महेंद्र सिंह, डॉक्टर इंद्रजीत गौतम, दिनेश कुमार जैन और अर्चना रामसुंदरम को शामिल किया गया है।

1952 में जन्मे जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष (पीसी घोष) जस्टिस शंभू चंद्र घोष के बेटे हैं। उन्होंने अपनी क़ानून संबंधी पढ़ाई कोलकाता से ही की। साल 1997 में वे कलकत्ता हाईकोर्ट में जज बने। जस्टिस घोष मई 2017 में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 29 जून 2017 से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य हैं।

जस्टिस आरएफ़ नरीमन के साथ, उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में शामिल बीजेपी नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह और अन्य के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश के आरोप तय करने के लिए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिये थे।

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