अयोध्या भूमि विवाद मामले में बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को राम मंदिर भूमि पूजन के लिए पहला निमंत्रण पत्र भेजा गया है। इस पर इकबाल अंसारी ने कहा कि यह भगवान राम की इच्छा थी जो मुझे पहला निमंत्रण मिला। मैं इसे स्वीकार करता हूं।

इक़बाल अंसारी ने ANI से बातचीत में कहा, ‘मेरा मानना है कि यह भगवान राम की इच्छा थी कि मुझे पहला निमंत्रण मिले। मैं इसे स्वीकार करता हूं। अयोध्या में हिंदू और मुस्लिम पारस्परिक सौहार्द में रहते हैं। मंदिर की जमीन की पूजा हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में आ रहे हैं।’

अंसारी ने कहा, ‘जब मंदिर बन जाएगा, अयोध्या के भाग्य बदल जाएंगे। अयोध्या और सुंदर हो जाएगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, क्योंकि भविष्य में इस मंदिर को तीर्थ की तरह लोग देखने आएंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ रहते हैं और लोगों के बीच कोई दुर्भावना नहीं है।

अंसारी ने ये भी कहा, ‘दुनिया उम्मीद पर कायम है। मैंने पहले भी कहा था कि अगर कोई भी धार्मिक कार्यक्रम होता है और वो मुझे बुलाते हैं तो मैं जरूर जाऊंगा। अयोध्या में हर धर्म-पंथ के देवी-देवता हैं। यह संतों की भूमि है और हम खुश हैं कि राम मंदिर बन रहा है।’

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन के लिए पहुंचेंगे तो बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी पीएम मोदी का स्वागत करेंगे।

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