बहरोड: राजस्थान के अलवर में पिछले साल मॉब लिंचिंग का शिकार हुए पहलू खान पहलू खां हत्याकांड में शनिवार को गवाही देने आ रहे हत्या के चश्मदीद गवाहों पर जानलेवा हमला हुआ है। ये हमला अलवर में एनएच-8 पर हुआ। इस दौरान हमलावरों ने फायरिंग की। इस हमले में सभी गवाह सुरक्षित बच गए।

घटना के समय गवाहों के साथ गाड़ी में मौजूद वकील और सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात ने बताया कि पहलू खान की हत्या के गवाह अजमत, रफीक और पहलू खान के बेटे इरशाद और आरिफ के साथ वे सभी लोग एक गाड़ी से कोर्ट में गवाही के लिए बहरोर जा रहे थे।

उन्होंने कहा, “जैसे ही हमले निमराना पार किया, एक काले रंग की बिना नंबर की स्कॉर्पियो ने हमें रोकने के लिए ओवरटेक करने की कोशिश की। गाड़ी में मौजूद लोग हाथ से रुकने के लिए कह रहे थे। लेकिन गाड़ी पर कोई नंबर प्लेट नहीं होने की वजह से हमने गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद उनकी गाड़ी हमारे काफी करीब आ गई और वे हमें गालियां देते हुए गाड़ी रोकने के लिए कहने लगे। जब इसके बाद भी हम नहीं रुके तो उन्होंने हम पर गोली चला दी।”

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अलवर पुलिस अधिक्षक को दी गई शिकायत में इरशाद ने बताया कि आज सुबह करीब 9 बजे एनएच 8 पर बहरोड़ के पास एक गाड़ी ने उन्हे रुकने के लिए कहा। गाड़ी न रोकने में दूसरी गाड़ी में सवार युवक ने फायर कर दिया। जिसके बाद वे गाड़ी दौड़ा के बहरोड़ की तरफ चले गए। वहीं इरशाद साथी गवाहों के साथ गाड़ी अलवर वापस आ गया। ये सभी लोग गवाही देने बहरोड़ कोर्ट जा रहे थे।

इरशाद ने कहा, “हमें बहरोर पुलिस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि इस मामले में एपआईआर में नामजद 6 लोगों के उन्होंने पहले ही क्लीनचीट दे दिया है। इसलिए हमलोग सीधा जिले के एसपी से मिलने जा रहे हैं।” पहलू खान के बेटे ने मांग की केस को बहरोर से कहीं और स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। साथ ही हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी चैक किए जाएंगे। बता दें कि गोतस्करी का आरोप लगाकर बीते 3 अप्रैल को वाहन चालक पहलू खां को गोरक्षकों ने पीट-पीटकर घायल कर दिया था। दो दिन बाद उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना के समय पहलू खान के बेटे इरशाद औऱ आरिफ के साथ अजमत औऱ ररफीक भी उसी ट्रक में मौजूद थे।

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