बहरोड: राजस्थान के अलवर में पिछले साल मॉब लिंचिंग का शिकार हुए पहलू खान हत्याकांड में शनिवार को गवाही देने आ रहे हत्या के चश्मदीद गवाहों पर जानलेवा हमला हुआ। ये हमला अलवर में एनएच-8 पर हुआ। इस दौरान हमलावरों ने फायरिंग की। इस हमले में सभी गवाह सुरक्षित बच गए।

इस मामले में पुलिस ने दावा किया कि केस के गवाहों ने मामला बहरोड़ से अलवर कोर्ट में स्थानांतरित करवाने के लिए फायरिंग का झूठा षड़यंत्र रचकर मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश के बाद साफ कर दिया इस तरह की वारदात का कोई सबूत नहीं मिला है।

बहरोड़ पुलिस उपाधीक्षक कुशाल सिंह ने बताया कि पहलू खां हत्याकांड और गोतस्करी के दर्ज मामले को बहरोड़ कोर्ट से अलवर कोर्ट में स्थानांतरित करवाने के लिए यह पूरा षड़यंत्र रचा गया था। घटनास्थल पर फायरिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

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घटनास्थल के पास स्थित मोती महल होटल के सीसीटीवी फुटेज में गवाहों की बोलेरो गाड़ी सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर होटल के सामने से निकली। उसके 45 मिनट बाद तक वहां से कोई स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं निकली। जबकि गवाहों ने काले रंग की स्कॉर्पियो में बदमाशों के होने के आरोप लगाए थे।

बता दें कि अलवर पुलिस अधिक्षक को दी गई शिकायत में इरशाद ने बताया कि आज सुबह करीब 9 बजे एनएच 8 पर बहरोड़ के पास एक गाड़ी ने उन्हे रुकने के लिए कहा। गाड़ी न रोकने में दूसरी गाड़ी में सवार युवक ने फायर कर दिया। जिसके बाद वे गाड़ी दौड़ा के बहरोड़ की तरफ चले गए। वहीं इरशाद साथी गवाहों के साथ गाड़ी अलवर वापस आ गया। ये सभी लोग गवाही देने बहरोड़ कोर्ट जा रहे थे।

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