ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन(AIMIM) नेता वारिस पठान के खिलाफ कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने दंगा भड़काने के इरादे से लोगों को उकसाने के मामले में धारा 117 एवं 153 के तहत और दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए आईपीसी की धारा 153ए के तहत केस दर्ज किया है।

दरअसल, नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा के दौरान वारिस पठान ने कहा था कि हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं। उन्होने रैली में कहा था कि हमें साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। हमें आजादी चाहिए, इस तरह की चीजें हमें केवल मांगने से नहीं मिलती है, हमें इसे छीनना पड़ता है। यहां रखना हम 15 करोड़ हैं लेकिन 100 करोड़ पर भारी है।

हालांकि अपने बयान पर वारिस पठान ने सफाई देते हुए खुद को पाक साफ बताया। उन्होंने अपनी तरफ से एक स्टेटमेंट जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा, “मेरे बयान को बिल्कुल गलत तरीके से लिया गया। मैं या मेरी पार्टी ऐसा कुछ नहीं कह सकती जो किसी जाति या धर्म की भावनाओं को आहत करे।” अपने राष्ट्र प्रेम को जाहिर करते हुए वारिस पठान ने कहा है कि वह एक प्राऊड इंडियन हैं।

वारिस पठान ने यह भी कहा है कि बाकी भारतीयों की तरह उनके मन में भी गुस्सा है जो देश के संविधान में यकीन करते हैं और सरकार के एनआरसी कानून की खिलाफत करते हैं। वारिस पठान ने साफ किया कि वह खुद और उनकी पार्टी ऐसी किसी बात का समर्थन नहीं करती है जो लोगों के बीच में खाई पैदा करे।

वहीं पार्टी के दूसरे सांसद इम्तियाज जलील ने पार्टी का स्टैंड रखा। उन्होंने कहा कि वारिस पठान के स्टेटमेंट को गलत तरह से पेश किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ना ही वारिस पठान और ना ही हमारी किसी को निशाना बनाती है। पार्टी किसी भी तरह से ऐसे स्टेटमेंट का समर्थन नही करती है जो किसी जाति धर्म मजहब के खिलाफ हो।

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