Tuesday, January 25, 2022

JNUSU अध्यक्ष आईशी घोष के खिलाफ एफआईआर, हमले में हुई थी घायल

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नई दिल्ली:  जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आईशी घोष ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के लिए RSS और ABVP को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि यह हमला एक संगठित हमला था। जिसमें RSS और ABVP के गुंडे शामिल थे। चूंकि पिछले 4-5 दिनों से कैंपस में कुछ आरएसएस से जुड़े प्रोफेसरों और एबीवीपी द्वारा हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा था।

इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जेएनयू की छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष और 19 अन्य छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर चार जनवरी को इन छात्रों द्वारा सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने और सिक्योरिटी गार्ड पर हमला करने के लिए दर्ज की गई है। यह एफआईआर जेएनयू प्रशासन ने पांच जनवरी को पुलिस में दर्ज कराई थी।

विश्वविद्यालय कैंपस में हुई मारपीट की घटना में आईशी घोष भी बुरी तरह घायल हुई हैं। उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में 16 टांके लगे हैं। आईशी घोष ने कहा कि ‘वो लोग को चुन-चुन कर हमला कर रहे थे। इस पूरे मामले में जेएनयू प्रशासन, पुलिस और एबीवीपी की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। इन लोगों ने इस हिंसा को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।

उन्होने कहा, पिछले 5-6 दिनों से कुछ आरएसएस समर्थक प्रोफेसर्स हमारे आंदोलन को रोकने के लिए हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे। क्या जेएनयू प्रशासन या पुलिस से अपनी सुरक्षा मांगना गलत है।?’ वहीं छात्र संघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया है। साकेत मून ने कहा कि हमले के वक्त छात्रों ने पुलिस को फोन किया था लेकिन वो 2 घंटे तक नहीं आई।

इस मारपीट में घायल हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शुक्ला सावंत ने कहा कि ‘उप-कुलपति या प्रशासन की तरफ से कुछ नहीं कहा गया और ना ही वो वहां पर आए। इनलोगों की तरफ से एक मैसेज तक नहीं भेजा गया।’ बता दें कि जेएनयू में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने सोमवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ हिंसा करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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