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नई दिल्ली । संजय लीला भंसाली की महत्त्वकांशी फ़िल्म ‘पद्मावत’ रिलीज़ के लिए तैयार है। फ़िल्म निर्माता वायकोम 18 ने फ़िल्म की रिलीज़ डेट की घोषणा करते हुए बताया की यह फ़िल्म 25 जनवरी को रिलीज़ होगी। इस घोषणा के बाद से ही राजपूत संगठन करनी सेना ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है की हम फ़िल्म को किसी भी हालत में रिलीज़ नही होने देंगे।

करनी सेना के अलावा कई राज्य सरकारों ने भी फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगा दी है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश सरकारों ने पहले ही घोषण कर दी थी की यह फ़िल्म प्रदेश में रिलीज़ नही होंगी। मंगलवार को हरियाणा सरकार ने भी फ़िल्म पर रोक लगा दी। अब अगर फ़िल्म चार राज्यों में रिलीज़ ही नही होगी तो निर्माताओ को बड़ा नुक़सान झेलना पड़ सकता है।

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इसलिए फ़िल्म निर्माताओ ने राज्य सरकारों के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सप्रीम कोर्ट का रूख किया है। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगायी है की अगर सेन्सर बोर्ड ने फ़िल्म को मंज़ूरी दे दी है तो फिर फ़िल्म पर पाबंदी क्यों लगाई जा रही है। निर्माताओ की दलील है की हमने सेन्सर बोर्ड के सुझाव के बाद फ़िल्म का नाम बदलकर पद्मावत कर दिया। इसके अलावा फ़िल्म में डिस्कलमर भी लगाया गया है की यह फ़िल्म काल्पनिक है।

इसके अलावा क़रीब 300 कट्स भी लगाए गए है। फ़िल्म से तमाम जगहों के नाम भी हटा दिए गए है। फिर भी राजपूत संगठन फ़िल्म का विरोध कर रहे है। हालाँकि राज्य सरकारों के फ़िल्म पर पाबंदी लगाने के फ़ैसले को आगामी विधानसभा चुनावो से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में राजपूत समाज बड़ी संख्या में है इसलिए सरकार इनको नाराज़ नही करना चाहती।