नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के भड़काऊ भाषणों को लेकर बीजेपी नेताओं को लाख बचाने की कोशिशों के बावजूद दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए भड़काऊ बयान देने वाले बीजेपी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।

जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस तलवंत सिंह की पीठ संशोधित नागरिकता कानून को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट ने आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज करो। मामले में कल सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने आज चार वीडियो क्लिप देखे। कोर्ट ने कहा कि केवल इन 3-4 क्लिप तक हम सीमित नहीं रहेंगे। ऐसी सारी क्लिप पर एफआईआर दर्ज करें। हर भड़काऊ भाषण पर एफआईआर दर्ज कीजिए। इनमे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद प्रवेश वर्मा, विधायक अभय वर्मा और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा के वीडियो अदालत में चलवाए गए।

हाई कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) राजेश देव से पूछा कि क्या उन्होंने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण का वीडियो क्लिप देखा है। मेहता ने दोहराया कि वह टेलीविजन नहीं देखते हैं और वे क्लिप उन्होंने नहीं देखीं हैं। देव ने कहा कि उन्होंने बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के वीडियो देखे हैं लेकिन कपिल मिश्रा का वीडियो नहीं देखा।

पुलिस अधिकारी के बयान पर जस्टिस मुरलीधर ने टिप्पणी की, ‘‘दिल्ली पुलिस की दशा पर मुझे वाकई में हैरानी है.’’ उन्होंने कोर्ट के कर्मचारियों से कोर्ट रूम में कपिल मिश्रा का वीडियो क्लिप चलाने को कहा। ठसाठस भरे कोर्ट रूम में जब वहां जमा लोग शोर मचाने लगे तो पीठ ने कहा कि शिष्टता से पेश आएं अन्यथा कार्यवाही बंद कक्ष में की जाएगी।


जस्टिस मुरलीधर ने कहा – हम दिल्ली में एक और 1984 नहीं होने देंगे. ये कोर्ट की निगरानी में कतई नहीं हो सकता। जल्द से जल्द घायलों को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाए। साथ ही जिन लोगों की मौत  हुई है उनके परिवारों से बात करनी चाहिए।


हाई कोर्ट ने पूछा कौन सा डीसीपी वीडियो में कपिल मिश्रा के साथ खड़ा है क्या नाम है? कोर्ट में मौजूद अधिकतर वकीलों ने कहा डीसीपी सूर्या। कोर्ट ने कहा कि वीडियो में देख सकते हैं कि एक पुलिस अफसर खड़े हैं, कपिल मिश्रा के बगल में। जैसी स्पीच दी, क्या उसकी जानकारी पुलिस कमिश्नर को दी? डीसीपी ने कहा उस समय बड़ी मुश्किल से कपिल मिश्रा को वहां से निकाला। वहां कपिल मिश्रा के जाने के बाद स्थानीय लोग सड़क पर बैठ गए।

हाई कोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द संवैधानिक पदाधिकारियों को क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। कि आप कहीं भी रहें आप सुरक्षित रहेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से दंगा पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।

तुषार मेहता ने कहा, वहां के हालात उस दिन के खराब थे। कोर्ट ने कहा कि लक्ष्मी नगर के वीडियो के बारे में क्या बोलेंगे? 15 दिसंबर से 26 फरवरी आ गई आप एफआईआर तक नहीं कर रहे हैं? अगर एफआईआर ही नहीं करोगे तो जांच कैसे होगी? किस आधार पर आप आगे बढ़ेंगे। आप एफआईआर नहीं करेंगे तो ऐसी स्पीच और बढ़ती जाएंगी।

कोर्ट ने आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज करो। मामले में कल सुनवाई करेंगे। केवल इन 3-4 क्लिप तक हम सीमित नहीं रहेंगे। ऐसी सारी क्लिप पर एफआईआर करो। कोर्ट ने कहा कि आप कमिश्नर को हमारा गुस्सा और नाराज़गी बता दीजिए। कोर्ट ने कहा दिल्ली जल रही है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हम अभी भी 1984 के पीड़ितों के मुआवजे के मामलों से निपट रहे हैं, ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। नौकरशाही में जाने के बजाय लोगों की मदद होनी चाहिए। इस माहौल में यह बहुत ही नाजुक काम है, लेकिन अब संवाद को विनम्रता के साथ बनाये रखा जाना चाहिए।

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