जोधपुर में लड़ाकू विमान MiG-27 दुर्घटनाग्रस्‍त, पायलट बाल-बाल बचा

भारतीय वायुसेना के मिग लड़ाकू विमानों के क्रैश होने का सिलसिला जारी है। रविवार को एक बार फिर भारतीय वायुसेना का मिग 27 लड़ाकू विमान राजस्थान के जोधपुर में क्रैश हो गया। रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि मिग 27 यूपीजी जेट एक रूटीन मिशन पर था, वह उतरलाई एयरफोर्स बेस से उड़ान भरने के बाद इंजन संबंधित समस्या के कारण जोधपुर से 120 किलोमीटर दक्षिण में सिरोही जिले में लगभग 11:45 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, इस हादसे के बाद पायलट सुरक्षित है। फिलहाल, जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने का सही कारण पता नहीं चल पाया है। सूत्रों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों में घटनास्थल पर किसी तरह के जान-माल के नुकसान का संकेत नहीं है।

सिरोही जिले के पुलिस अधीक्षक कल्याण मल मीणा ने बताया कि यह लड़ाकू विमान सिरोही जिले में गोडाना बांध के निकट शिवगंज पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर ली है। बता दें कि इससे पहले बीते फरवरी माह में ही भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर भी जम्मू कश्मीर के बडगाम में क्रैश हो गया था। इस हादसे में 2 पायलट समेत 6 लोग मारे गए थे। इसके अलावा विंग कमांडर अभिनंदन भी वायुसेना का मिग-21 बाइसन ही उड़ा रहे थे, जब वह भी सीमा पर क्रैश हो गया था।

इतना ही नहीं फरवरी में राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक मिग-27 ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। हादसा वायुशक्ति अभ्यास प्रदर्शन के दौरान हुआ था। मिग 27 का प्लेन खेतोलाई गांव के पास फील्ड फायरिंग रेंज में उड़ते वक्त जमीन पर आ गिरा. घटना 98 परमाणु परीक्षण स्थल से एक किलोमीटर दूर हाईवे की तरफ तरफ हुई थी, जो फील्ड फायरिंग रेंज के अंदर का इलाका है।

वहीं, 28 जनवरी को उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर में भारतीय वायुसेना का जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था। पायलट के विमान को आबादी क्षेत्र से दूर ले जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। जिसके बाद लड़ाकू विमान क्रैश होकर खेत में गिरा, उसमें आग लग गई थी।

उल्लेखनीय है कि मिग-27 फाइटर जेट सोवियत युग के विमान हैं। जिन्हें साल 1980 में भारतीय वायुसेना द्वारा अपने बेड़े में शामिल किया गया था। मिग विमानों के क्रैश होने की घटनाएं अब बहुत ही आम बात हो गई है।

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