भिंड | दो दिन पहले मध्य प्रदेश के भिंड से आई एक विडियो ने पुरे देश में हलचल मचा दी. यह विडियो ईवीएम् के साथ कथित छेड़छाड़ से सम्बंधित था. विडियो में दिखाया गया की चुनाव अधिकारी द्वारा कांग्रेस का बटन दबाने के बाद भी VVPAT ( वोट डालने के बाद पर्ची निकालने वाली मशीन) से कमल का चिन्ह बाहर निकला. यह विडियो विपक्षी दलों की शंकाओं को और मजबूत करने वाला था.

जैसे ही यह विडियो वायरल हुआ , अरविन्द केजरीवाल और कांग्रेस के ज्योतिरादित्या सिंधिया , चुनाव आयोग और पहुंचे और आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की. हालाँकि चुनाव आयोग ने एक बार फिर कहा की ईवीएम् में छेड़छाड़ संभव नही है. लेकिन उन्होंने मामले की जांच करने का आश्वासन दिया. मामले की जांच करने के लिए रविवार को चुनाव आयोग का एक प्रतिनिधि मंडल भिंड पहुंचा.

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जांच दल ने यहाँ पहुंचकर काफी मशीनो की जांच की. उन्होंने माना की भिंड में डेमो के लिए इस्तेमाल हुई मशीन में तकनिकी खराबी थी. इसके अलावा उन्होंने बताया की उप चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश चुनावो में इस्तेमाल हुई करीब 300 मशीनो को कानपुर से मध्य प्रदेश भेजा गया है. यह मशीन उनमे से ही एक है. इस मशीन का इस्तेमाल गोविन्दनगर विधानसभा में हुआ था. जहाँ से बीजेपी के सत्यदेव पचौरी भारी मतों से विजयी रहे.

उधर कांग्रेस और आप ने चुनाव आयुक्त सेलिना सिंह को हटाने की मांग की है. मालूम हो की सेलिना सिंह ने ही पत्रकारो को VVPAT मशीन के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाया था. इस दौरान सेलिना सिंह के 4 नम्बर( कांग्रेस के सामने का ) का बटन दबाने से कमल की पर्ची बाहर निकलने से यह सारा विवाद पैदा हो गया. उधर चुनाव आयोग ने कार्यवाही करते हुए जिले के डीएम् और एसपी का तबादला कर दिया. डीएम् इल्लायाराजा टी को हटाने से नाराज स्थानीय लोगो ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया. वो इल्लायाराजा को वापिस बुलाने की मांग कर रहे थे.

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