श्रीनगर | जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते है. सत्ता हाथ से जाने के बाद , कश्मीर के लिए उनके रुख में काफी बदलाव आया है. पहले हिंदुस्तान की बात करते वाले फारुख अब्दुल्ला आजकल कश्मीर मसले को ज्यादा तवज्जो दे रहे है. हाल ही में पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर उनके बयान काफी सुर्खियों में रहे है.

शुक्रवार को श्रीनगर में हुए एक फॅमिली फंक्शन में शिरकत करने पहुंचे फारुख अब्दुल्ला ने कुछ ऐसी बाते कही जिससे बवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने कश्मीरी युवाओं को भड़काते हुए कहा की आजकल की पीढ़ी मौत और बन्दूक की गोली से नही डरती. वो अपने हक़ के लिए लड़ रही है और अपने वतन के लिए कुर्बानी दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया की साल 1931 से हमें धोखा दिया जा रहा है.

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फारुख अब्दुल्ला ने हथियार उठा चुके कश्मीरी युवाओं का जिक्र करते हुए कहा की ये कश्मीरी युवक एमपी या एमएलए बनने के लिए कुर्बानी नही दे रहे बल्कि अपने हक़ के लिए लड़ रहे है. साल 1931 से हमें धोखा दिया जा रहा है, उधर से भी और इधर से भी. पहले भी यह लड़ाई जारी थी लेकिन अब आजकल की पीढ़ी यह लड़ाई लड़ रही है. यह पीढ़ी मौत और बन्दूक की गोली से नही डरती.

फारुख ने आगे कहा की जान सबको प्यारी होती है लेकिन उन्हें अल्लाह पर यकीन है, जिन्दगी और मौत अल्लाह के हाथ में है और वे उसकी राह में चल रहे है. ये जमीन हमारी है और हम इसके मालिक है. इसलिए वो (कश्मीरी युवा) इस वतन की आजादी के लिए अपनी कुर्बानी दे रहे है. इस बात को न इधर (भारत) समझा जा रहा है और न उधर (पाकिस्तान). गोली के बदले गोली की निति से राज्य में स्थिति ख़राब ही होगी. इसलिए शांति बहाली के लिए दोनों देशो के बीच बातचीत की बहाली होना लाजिमी है.

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