Wednesday, June 16, 2021

 

 

 

किसान नेता बोले – दीप सिद्धू के कहने पर लाल किले पहुंचे थे किसान, सनी देओल के रहे है करीबी

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गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शनकारी किसानों की और से हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस हिंसा के पीछे दीप सिद्धू का नाम आ रहा है। जिससे बीजेपी सांसद सनी देओल का करीब बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि दीप सिद्धू और लाखा सिधाना ने ही किसानों को लाल किला पर जाने के लिए भड़काया।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभिनेता तन दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने लाल किले पर हिंसा और फहराए झंडे बनाए हैं, उन्हें अपने कामों के लिए भुगतान करना होगा। पिछले दो महीने से एक समुदाय विशेष के खिलाफ साजिश चल रही है। यह सिखों का नहीं बल्कि किसानों का आंदोलन है।

राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ”कार्रवाइयों” के कारण कुछ असामाजिक तत्व परेड में शामिल हो गए और यह हिंसा का कारण बना। टिकैत ने सिद्धू पर ट्रैक्टर परेड ‘हाईजैक’ करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि बीकेयू शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करता है और हिंसा के पीछे उपद्रवियों की पहचान करेगा।

लाल किला पर झंडा लगाने के दौरान मौजूद रहे अभिनेता दीप सिद्धू ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कह कर बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया और केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ‘निशान साहिब’ को लगाया था।

दीप सिद्धू ने कहा, ‘नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने ‘निशान साहिब और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया।’ उन्होंने ‘निशान साहिब’ की ओर इशारा करते हुए कहा कि झंडा देश की विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है। ‘निशान साहिब’ सिख धर्म का एक प्रतीक है जो सभी गुरुद्वारा परिसरों में लगा देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि लालकिले पर ध्वज-स्तंभ से राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया गया और किसी ने भी देश की एकता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाया। पिछले कई महीनों से किसान आंदोलन से जुड़े सिद्धू ने कहा कि जब लोगों के वास्तविक अधिकारों को नजरअंदाज किया जाता है तो इस तरह के एक जन आंदोलन में ”गुस्सा भड़क उठता है। उन्होंने कहा, ‘आज की स्थिति में, वह गुस्सा भड़क गया।’

बता दें कि दीप सिद्धू अभिनेता सनी देओल के सहयोगी थे, जब अभिनेता ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में सनी देओल के पूरे प्रचार में वह उनके साथ रहे थे। हालांकि भाजपा सांसद ने पिछले साल दिसंबर में किसानों के आंदोलन में शामिल होने के बाद सिद्धू से दूरी बना ली थी।

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