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नई दिल्ली। फसल की उचित कीमत की मांग और कर्ज माफी को लेकर देश की राजधानी में जमा हुए किसानों ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर फसलों की उचित दाम की गारंटी देने का कानून बनाए जाने की मांग की है।  साथ ही किसानों की मांग है कि देशभर के किसानों का एकमुश्त कर्ज माफ करके उन्हें कर्जमुक्त किया जाए। आज किसान संसद तक मार्च करने वाले हैं।

इस मौके पर किसानों के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने कहा कि कोई भी सरकार किसानों के समर्थन के बिना नहीं टिक सकती है। किसानों को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा कि वह उनके दुख और दिक्कतों को समझते हैं क्योंकि वह खुद किसान के बेटे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं। मैं आपके दुख और तकलीफों को समझता हूं।’

वहीं मलयालम एवं अंग्रेजी कवि तथा आलोचक सच्चिदानंद ने कहा, “मैं किसानों की सभी मांगों के साथ हूं। भारतीय राज्य देश को खिलाने वाले किसानों की प्रति एहसान फरामोश रहे हैं। यह ऐसे ही नहीं चल सकता। किसानों की दुर्दशा देश की स्थिति को परिभाषित करती है और राज्य को उनकी समस्या हल करने के लिए हर संभव कदम उठाने की जरूरत। संसद के एक विशेष सत्र द्वारा उनकी समस्याओं को संबोधित करके ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए।”

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पूर्व सैनिकों के संगठन ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुए किसान मुक्ति यात्रा में शिरकत की। संगठन के प्रमुख मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक किसान आंदोलन में दो दिन तक साथ रहेंगे। अनजान ने बताया कि यह पहला अवसर है जब किसानों के समर्थन में डॉक्टर, वकील, शिक्षक, रंगकर्मी और छात्र संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने भी किसान आंदोलन में हिस्सेदारी की है।

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आपको बता दें कि किसानों के इस मार्च को स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव लीड कर रहे हैं। योगेंद्र यादव और किसान आंदोलन के संयोजक अभिक साहा ने साफ कर दिया है कि उनका शांति मार्च शांतिपूर्ण और अहिंसक होगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने किसानों को जंतर मंतर और इंडिया गेट पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है, हम कोशिश कर रहे हैं कि किसान राम लीला मैदान पर ही रहे और अपनी रैली करें।

पुलिस ने कहा कि किसानों के मार्च के दौरान सड़कों के दोनों तरफ रस्सी होगी और दूसरी तरफ पुलिस तैनात होगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यातायात प्रभावित नहीं हो। राजधानी में यातायात प्रभावित ना हो इसके लिए शुक्रवार को 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

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